अजीब ये दुनिया है ,
अजीब हैं मंज़र यहाँ ।।
छलनी हो जाये रूह किसी की,
ऐसे चलते हैं बातों के खंजर यहाँ ।।
कोई अपने गुरूर का मारा ,
कोई उम्मीदों का मारा यहाँ ।।
रह जाएँ आवाजें अनसुनी दिल की ,
दिल की आवाजों ऐसा शोर यहाँ ।।
अजीब हैं मंज़र यहाँ ।।
छलनी हो जाये रूह किसी की,
ऐसे चलते हैं बातों के खंजर यहाँ ।।
कोई अपने गुरूर का मारा ,
कोई उम्मीदों का मारा यहाँ ।।
रह जाएँ आवाजें अनसुनी दिल की ,
दिल की आवाजों ऐसा शोर यहाँ ।।
